लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
— कहा, “गौ माता हमारी संस्कृति और जीवन का आधार”
जयपुर, ।
गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर ज़िले के मांग्यावास स्थित सद्गुरू टेऊँराम गोशाला और रेनवाल स्थित जोतड़ा गोशाला में गौ माता की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता का हमारी सनातन संस्कृति में पूजनीय स्थान है और राज्य सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
️ “गौ माता हमारा गौरव और जीवन का आधार”
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व हमें गौ माता की सेवा का अवसर देता है।
उन्होंने कहा, “गौ माता हमारा गौरव है तथा जीवन का आधार है। हम सभी को गौ सेवा के लिए समर्पित होकर कार्य करना चाहिए और गोशालाओं से जुड़कर गौ संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौ उत्पादों और पंचगव्य के औषधीय महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम है।
राज्य सरकार की गौ संरक्षण योजनाएँ
शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा प्रत्येक पंजीकृत गोशाला को प्रति गाय ₹50 प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए ₹25 प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा बैलों से खेती करने वाले किसानों को ₹30,000 प्रतिवर्ष अनुदान राशि प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कृषि पद्धति को बढ़ावा मिल सके।
संत-महंतों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ संरक्षण में संत-मुनि-महंतों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने हमेशा गौ सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे भी गौ सेवा को अपने जीवन का आधार बनाएं और सरकार के साथ मिलकर गौ संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
गौशालाओं में पूजन और भजन-कीर्तन
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपनी पत्नी के साथ सद्गुरू टेऊँराम गोशाला में गौ माता की पूजा-अर्चना कर तिलक लगाया और गुड़ खिलाया।
इसके बाद वे जोतड़ा गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने रामकरणजी दास महाराज का माल्यार्पण किया, गायों को चारा खिलाया और भजन-कीर्तन में भाग लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गौ सेवक, संत-महंत और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया गया।
“गौ माता हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जीवन की आधारशिला हैं। गौ संरक्षण केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनात्मक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है।”
— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा















































