लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा। उपखंड क्षेत्र के सुथड़ा स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र में देवाधिदेव श्री कुंथुनाथ भगवान के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक का भव्य महामहोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
✨ धार्मिक अनुष्ठानों की रही श्रृंखला
कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। विभिन्न श्रद्धालुओं द्वारा शांतिधारा का पुण्य लाभ लिया गया। इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस तीर्थंकरों की आराधना तथा मूलनायक एवं कुंथुनाथ भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
कुंथुनाथ भगवान का जीवन परिचय
महोत्सव के दौरान जानकारी दी गई कि श्री कुंथुनाथ भगवान जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर एवं छठे चक्रवर्ती सम्राट थे। उनका जन्म हस्तिनापुर में राजा शूरसेन और माता श्रीदेवी के यहां वैशाख शुक्ल प्रतिपदा को हुआ। उन्होंने वैराग्य धारण कर दीक्षा ली और 16 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया।
भक्तामर दीपार्चना का आयोजन
शाम 7 बजे भक्तामर मंडल उनियारा एवं ढिकोलिया द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था
पूरे आयोजन में क्षेत्र के जैन समाज सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। धार्मिक माहौल के बीच भक्तों ने भगवान के चरणों में पूजा-अर्चना कर शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।


















































