पंचायत और पालिका चुनावों पर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल करे हस्तक्षेप- गहलोत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराने की सरकार की हठधर्मिता

जयपुर।  पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान निर्माण में जो योगदान है वो तो इतिहास में दर्ज हो गया है। अब जो लोग अम्बेडकर के उसूलों में विश्वास नहीं करते थे वो आज सत्ता में हैं और उनकी जयंती मना रहे हैं। उनका संविधान में विश्वास है नहीं, संविधान की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। राहुल गांधी जी रोज कहते हैं, संविधान बचाओ, वो क्यों कहते हैं? इसलिए कहते हैं क्योंकि संविधान की धज्जियाँ उड़ रही हैं, लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है। आज जो कुछ देश में हालात बन गए हैं, ज्यूडिशियरी में भी, एजेंसियों में भी, पूरे देश में बहुत बड़ी स्थिति अजीब बन गई है। फिर भी 14 अप्रैल को अम्बेडकर साहब की जयंती सब मनाते हैं, मनाएंगे भी। उनकी कथनी और करनी में अंतर है।

राष्ट्रपति- राज्यपाल करे हस्तक्षेप
आज पंचायत चुनाव नहीं करवा रहे, नगर निकाय चुनाव नहीं करवा रहे, ये तो अम्बेडकर साहब के संविधान का पार्ट है। अगर उनमें विश्वास होता तो आज पंचायत चुनाव भी होते, नगर निकायों के चुनाव भी होते और तो और को-ऑपरेटिव के चुनाव भी होते जो करीब 10 साल हो गए नहीं हो रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार का भी सरकार पर असर नहीं
तो ये तमाम ये जो संस्थाएँ हैं इनको बर्बाद क्यों कर रहे हैं? जब सुप्रीम कोर्ट कह चुका, हाई कोर्ट कह चुका है, चुनाव आपको करवाने पड़ेंगे, डेट तक दे दी अप्रैल की तब भी नहीं करवाए। तो आप सोच सकते हो कि ये तो संविधान के विरोध में एक प्रकार से कहना चाहिए कि जिस प्रकार का उन्होंने फैसला किया है, ये तो संविधान का ही ब्रेकडाउन टाइप है।

चुनाव आयोग बन चुका पंगु
इसमें तो राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए, गवर्नर को हस्तक्षेप करना चाहिए, उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए था। चुनाव टाइम पर होने चाहिए थे वरना इस सरकार को नैतिक क्या अधिकार है सत्ता में रहने का? ये मैं पूछना चाहता हूँ। बस खाली जयंती मनाएंगे उनके उसूलों पर नहीं चलेंगे।

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