लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। सोलहवीं विधानसभा के पंचम सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं, गेहूं की गुणवत्ता, कृषि मंडी सड़कों और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
मंत्री गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना में 11 लाख रिक्त स्थान उपलब्ध हैं। राज्य में 4 करोड़ 46 लाख की निर्धारित सीमा के मुकाबले अभी 4 करोड़ 35 लाख लाभार्थी जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 1 नवंबर 2024 से शुरू किया गया विशेष अभियान अब 15वें माह में प्रवेश कर चुका है, जिसके तहत अब तक 73 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है। वहीं ‘गिव अप अभियान’ के अंतर्गत 53 लाख 51 हजार लाभार्थियों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी है। मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पात्र लोगों को योजना से जोड़ने में असफल रही, जबकि भाजपा सरकार ने यह लक्ष्य हासिल किया।
गेहूं की गुणवत्ता पर स्पष्टीकरण
खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत वितरित गेहूं की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर मंत्री गोदारा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के यह कहना कि गेहूं से गंभीर बीमारियां हो रही हैं, पूरी तरह भ्रामक और अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही गेहूं सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदती है।
मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने 21 लाख 67 हजार मीट्रिक टन गेहूं एमएसपी पर खरीदा, जिसमें 2425 रुपये समर्थन मूल्य और 150 रुपये बोनस सहित कुल 2575 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया। इसके बाद लगभग 26 लाख मीट्रिक टन गेहूं का आवंटन किया गया, जिसमें बड़ी मात्रा में राजस्थान का ही गेहूं शामिल था।
कृषि मंडी सड़कों के नवीनीकरण पर जोर
कृषि मंडी सड़कों को लेकर मंत्री गोदारा ने कहा कि पहली बार इन सड़कों के नवीनीकरण की जिम्मेदारी मंडी विभाग को सौंपी गई है। पहले सकल बचत का 24 प्रतिशत हिस्सा नई सड़कों के निर्माण में खर्च होता था, जबकि अब 19 प्रतिशत नई सड़कों और 5 प्रतिशत राशि सड़कों के नवीनीकरण के लिए निर्धारित की गई है। वर्तमान में करीब 53 लाख रुपये मंडी सड़कों के नवीनीकरण के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष से अधिक पुरानी और क्षतिग्रस्त सड़कों का नवीनीकरण मिशन मोड में किया जाएगा।
लाउडस्पीकर पर सख्ती के संकेत
लाउडस्पीकर के उपयोग पर मंत्री गोदारा ने कहा कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए, क्योंकि इससे छात्रों, बीमार व्यक्तियों और आम नागरिकों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन पहले से सख्त है और आगे भी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जागरूकता बढ़ने से स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन अनिवार्य है।















































