विधिक जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को बताए कानूनी अधिकार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

  मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए नई योजना की दी जानकारी

पादूकलां। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता की अध्यक्ष तारा अग्रवाल तथा सचिव संजय कुमार मालवीय के निर्देशन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों एवं मनरेगा श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

पैरा लीगल वालंटियर जुगल सिंह सोलंकी ने बताया कि शिविर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकार, महिला एवं बाल अधिकार, एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकार, गरीबी उन्मूलन योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए विशेष योजना

शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना (एचडब्ल्यूसी)-2025 की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के तहत पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता, शीघ्र मुआवजा दिलाने में सहयोग, परामर्श सेवाएं तथा चिकित्सा एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

ग्रामीणों को बताया गया कि वन्यजीव संघर्ष की किसी भी घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सहायता प्राप्त कर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं वृक्षारोपण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित ग्रामीणों से प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर सार्वजनिक मुख्य तालाब एवं हुडिया नाड़ी के मेट नरसाराम गोरा, कालू मोहम्मद, परसाराम माकनड, सुशील रेदास सहित बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक उपस्थित रहे।

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