लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
जोधपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (आईआईटी जोधपुर) और भारत की अग्रणी मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) कंपनी आइडियाफोर्ज़ टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने रक्षा, पर्यावरण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) और डीप-टेक नवाचारों में स्वदेशी अनुसंधान को तेज़ी देना है।
सहयोग के प्रमुख बिंदु
इस समझौते के तहत आईआईटी जोधपुर और आइडियाफोर्ज़ संयुक्त रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करेंगे:
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उन्नत यूएवी इंजन, सामग्री और निर्माण तकनीकों का विकास
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5जी एकीकरण, भू-मानचित्रण और वस्तु अनुक्रमण (ऑब्जेक्ट इंडेक्सिंग) जैसे उन्नत क्षेत्रों पर अनुसंधान
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यूएवी की क्षमताओं में वृद्धि और स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन
इस सहयोग के अंतर्गत आईआईटी जोधपुर के छात्र यूएवी प्रौद्योगिकी में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे उन्हें औद्योगिक अनुभव और अनुसंधान आधारित शिक्षण का अवसर मिलेगा तथा भविष्य के एयरोस्पेस और रोबोटिक्स इंजीनियरों की नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
नेताओं के विचार
विपुल जोशी, मुख्य वित्तीय अधिकारी, आइडियाफोर्ज़ टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने कहा:
“आइडियाफोर्ज़ में हम मानते हैं कि अकादमिक अनुसंधान और औद्योगिक नवाचार का संगम ही तकनीकी प्रगति की असली नींव है। आईआईटी जोधपुर की अनुसंधान उत्कृष्टता और आइडियाफोर्ज़ की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता मिलकर ऐसे स्वदेशी समाधान तैयार करेंगी जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को मज़बूती से संबोधित करेंगे।”
प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी जोधपुर ने कहा:
“आईआईटी जोधपुर और आइडियाफोर्ज़ के बीच यह साझेदारी रक्षा और नागरिक उपयोग के लिए स्वदेशी यूएवी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सहयोग भारत को वैश्विक ड्रोन उद्योग में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।”
साझेदारी का महत्व
यह समझौता ज्ञापन तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा और दोनों संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है — भारत में ड्रोन तकनीक की स्वदेशी स्थिति को सशक्त करना, नवाचार को बढ़ावा देना, और अगली पीढ़ी के इंजीनियरों व प्रौद्योगिकीविदों को तैयार करना।
आईआईटी जोधपुर के बारे में
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (आईआईटी जोधपुर) भारत का अग्रणी तकनीकी संस्थान है, जो रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अनुसंधान कर रहा है।
संस्थान के प्रमुख केंद्रों में डीआरडीओ-इंडस्ट्री-एकेडेमिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीआईए-सीओई) और मानेकशॉ सेंटर फॉर डिफेंस रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ (एमसीओईएनएसएसआर) शामिल हैं।
थार मरुस्थल में स्थित आईआईटी जोधपुर रेगिस्तानी युद्ध तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वायत्त प्रणालियाँ, और यूएवी अनुसंधान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
आइडियाफोर्ज़ टेक्नोलॉजी लिमिटेड के बारे में
आइडियाफोर्ज़ भारत की अग्रणी मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) कंपनी है, जो सुरक्षा, मानचित्रण, निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उच्च प्रदर्शन वाले स्वदेशी ड्रोन समाधान प्रदान करती है।
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भारत में सबसे बड़ा स्वदेशी यूएवी नेटवर्क संचालित करती है।
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हर तीन मिनट में एक उड़ान, अब तक साढ़े सात लाख से अधिक सफल उड़ानें पूरी।
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ड्रोन इंडस्ट्री इनसाइट्स (डीआरओएनईआईआई) ग्लोबल ड्रोन रिव्यू 2024 के अनुसार, आइडियाफोर्ज़ को विश्व की शीर्ष तीन ड्यूल-यूज़ ड्रोन कंपनियों में स्थान प्राप्त है।
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वर्ष 2009 में भारत का पहला वीटीओएल (VTOL) यूएवी विकसित किया।
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कंपनी के अनुसंधान केंद्र नवी मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और अमेरिका में स्थित हैं।
कंपनी को क्वालकॉम, इन्फोसिस, सेलेस्टा कैपिटल, फ्लोरिन्ट्री, एक्ज़िम बैंक और इन्फीना फाइनेंस जैसे प्रमुख निवेशकों का सहयोग प्राप्त है।
















































