लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बोले- चुनाव आयोग से शिकायत है तो तय प्रक्रिया के तहत मिले कांग्रेस, राहुल गांधी के महिला पुलिसकर्मी से व्यवहार पर भी उठाए सवाल
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जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली में ‘चुनाव आयोग वर्सेज कांग्रेस पार्टी’ चल रहा है। यदि कांग्रेस को चुनाव आयोग से कोई शिकायत है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आयोग से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की एक प्रक्रिया है। कांग्रेस पांच से सात लोगों का प्रतिनिधिमंडल बनाकर समय लेकर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिल सकती है और अपनी शिकायत रख सकती है। इसके बजाय 300-400 लोगों को लेकर प्रदर्शन करना केवल राजनीतिक नौटंकी और सुर्खियों में बने रहने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता भी जानते हैं कि इस तरह के प्रदर्शन से न तो निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई होने वाली है और न ही चुनाव प्रक्रिया पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार कांग्रेस केवल यह संदेश देना चाहती है कि वह सक्रिय है और विरोध कर रही है।
‘प्रदर्शन से जनता में भ्रम पैदा करने का प्रयास’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह के विरोध प्रदर्शनों के जरिए जनता के बीच भ्रम पैदा करने और उसे भड़काने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास रखते हुए अपनी शिकायतें निर्धारित प्रक्रिया के तहत रखनी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ किसी भी शिकायत का समाधान निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के व्यवहार पर भी सवाल
राठौड़ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से मर्यादित और गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा की जाती है।
राठौड़ ने दावा किया कि महिला पुलिसकर्मी की पीठ पर जिस तरह हाथ लगाया गया, वह उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी ऐसे आचरण पर सवाल उठाना चाहिए। राठौड़ ने इसे मर्यादा और शिष्टाचार से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के नेताओं को सार्वजनिक स्थानों पर अपने व्यवहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस की एकजुटता पर राठौड़ का तंज
कांग्रेस नेताओं की ओर से एकजुटता के दावों पर भी राठौड़ ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ‘हम सब एक हैं’ कहने की जरूरत उसी को पड़ती है, जिसके मन में एकता को लेकर संदेह होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता केवल फोटो फ्रेम में एक साथ खड़े होने के लिए एकजुटता दिखा रहे हैं। राठौड़ के मुताबिक जिन नेताओं के बीच वास्तविक एकता होती है, उन्हें बार-बार इसका प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सचिन पायलट के मामले का भी किया जिक्र
राठौड़ ने कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों का उदाहरण देते हुए सचिन पायलट से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता रंधावा की ओर से सचिन पायलट से बयान देने की बात कही गई और उनके मना करने पर उन्हें पकड़कर लाने जैसी बात सामने आई।
राठौड़ ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के नेता सचिन पायलट को बच्चा समझते हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और उनकी स्वतंत्रता का भी ध्यान रखना चाहिए।
‘विदेशी साजिश हो सकती है’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में अस्थिरता पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं और इसके पीछे विदेशी साजिश हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के कुछ नेता विदेशी ताकतों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि देश की जनता को ऐसे प्रयासों को समझना होगा तथा भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाले प्रयासों के प्रति सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कांग्रेस से चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को प्रदर्शन के बजाय निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से रखने की अपील की।



















































