
जयपुर। जयपुर ग्रेटर नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर यज्ञ मित्र सिंह देव के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों को न्यायिक जांच में दोषी माना गया है। सीनियर डीजे मुदिता भार्गव ने सौम्या और तीन पार्षदों अजय सिंह चौहान, शंकर शर्मा और पारस जैन को दूराचरण , कर्तव्यों के पालन में लापरवाही बरतने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने में दोषी माना है। रिपोर्ट स्वायत शासन सचिव को भिजवा दी गई है ।अब जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार तीनों को बर्खास्त कर 6 साल के लिए अयोग्य घोषित कर सकती है।यह तमाम प्रावधान नगरपालिका अधिनियम में निहित है।देखना यह कि सरकार अब इस पर क्या निर्णय करती है।आपको बता दें कि Jun 2021में तत्कालीन कमिश्नर यज्ञ मित्र सिंह देव ने ज्योति नगर थाने में मारपीट और अभद्र व्यवहार का मुकदमा दर्ज कराया था । उसके बाद सौम्या को निलंबित कर दिया गया था । सौम्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिर महापौर पद पर आसीन हुई लेकिन कुछ दिनों बाद ही अब हुई और एक बार फिर न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने पर अब फिर से उनका महापौर पद जा सकता है।













































