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5410 तहसीलों में एक साथ सौंपे गए प्रार्थना पत्र, सांगानेर बना प्रमुख केंद्र
सांगानेर, जयपुर | (सोमवार)गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर देशभर में चल रहे “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के प्रथम चरण में सोमवार को व्यापक जनसमर्थन देखने को मिला। इस दौरान देश की 5410 तहसीलों में एक साथ प्रार्थना पत्र सौंपे गए, जिससे यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
जयपुर के सांगानेर स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में संतों, गौभक्तों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। यहां से तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्राएं और झांकियां निकालीं। “गौ माता की जय” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजन स्थल पर श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला।
प्रार्थना पत्र के साथ प्रस्तुत 39 सूत्रीय प्रस्ताव में गौ संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इनमें गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा देने, गौ हत्या पर कठोर केंद्रीय कानून बनाने, पूरे देश में एक समान गौ संरक्षण नीति लागू करने तथा प्रत्येक जिले में आधुनिक एवं आत्मनिर्भर गौशालाओं की स्थापना जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा गौ आधारित प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादों और गोबर-गौमूत्र आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने की भी मांग की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत प्रकाश दास जी महाराज ने कहा कि “गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की प्रतीक है। यह अभियान विरोध का नहीं, बल्कि श्रद्धा और प्रार्थना का माध्यम है।”
अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि “गौ आधारित अर्थव्यवस्था भारत की कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकती है। इससे आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य सशक्त हो सकता है।”
अभियान को सफल बनाने में परिषद के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। संजय पथरिया ने संगठन एवं जनसंपर्क में अहम योगदान दिया, वहीं भानु प्रसाद गौतम ने जनजागरण के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम भेजे गए संदेश में गौ माता को भारतीय संस्कृति और ग्राम्य जीवन की आधारशिला बताते हुए उन्हें “राष्ट्र माता” का दर्जा देने और गौ हत्या पर कठोर कानून बनाने का आग्रह किया गया है।
अभियान के आयोजकों के अनुसार यह पहल चरणबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। प्रथम चरण में तहसील स्तर पर प्रार्थना पत्र सौंपे गए हैं, जबकि आगामी चरणों में जनजागरण और नीति स्तर पर संवाद को और तेज किया जाएगा।



















































