लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गहलोत का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम, कांग्रेस को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया) । भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाजपा पर प्रतिबंध लगाने संबंधी बयान को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1948 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाया गया प्रतिबंध और 1975 में लगाया गया आपातकाल, दोनों ही फैसले कांग्रेस को अंततः वापस लेने पड़े थे।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार सिमट रहा है और हार की निराशा में उसके नेता इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों से तुष्टिकरण की राजनीति की है और देश के विभाजन की पृष्ठभूमि तैयार करने में भी उसकी नीतियों की भूमिका रही है।
तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस भाजपा पर हिंदुत्व की राजनीति का आरोप लगाती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व को अपने आदर्श के रूप में स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत को अपने बयान पर हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी मुस्लिम लीग जैसी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस का मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन इसका उदाहरण है। तिवाड़ी ने दावा किया कि कांग्रेस का तुष्टिकरण का रवैया आज भी जारी है।
संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संविधान की दुहाई देने से पहले अपने इतिहास को याद करना चाहिए।
तिवाड़ी ने कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की नीति पर काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने दावा किया कि आवास, उज्ज्वला, मुद्रा, किसान सम्मान निधि और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ सभी समुदायों को समान रूप से मिला है।
प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और भूपेंद्र सैनी भी मौजूद रहे।





















































