लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर | प्रदीप कुमार डागा
कांग्रेस के नागौर जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट को बेहद निराशाजनक और खोखला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में न तो देश के लिए और न ही राजस्थान के लिए कोई ठोस या विशेष घोषणा की गई है, जिससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
बांगड़ा ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में नाम तक नहीं लिया जाना प्रदेश के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईआरसीपी (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना बनाने, राजस्थान में नई रेलवे लाइन या मेट्रो परियोजना जैसी किसी भी बड़ी घोषणा से सरकार पूरी तरह चूक गई।
उन्होंने कहा कि गरीब, श्रमिक और असंगठित क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। डबल इंजन सरकार के दावों के बावजूद यह बजट राजस्थान के लिए “डैम्प स्क्विब” यानी ऊंची दुकान और फीका पकवान साबित हुआ है।
हनुमान बांगड़ा ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से सरकार की नीति गरीबों को “खपाने” और पूंजीपतियों को “खजाना” सौंपने की रही है। यह बजट केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता को निराश करने वाला है, जिसमें हर वर्ग की उपेक्षा की गई है।
उन्होंने कहा कि बजट में:
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ERCP को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया गया
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यमुना जल समझौते को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई
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महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया
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मध्यम वर्ग पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है
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युवाओं के लिए रोजगार के अवसर न होने से वे ओवरएज हो रहे हैं
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किसानों के लिए MSP की कोई गारंटी नहीं दी गई
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पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर सरकार का रवैया निराशाजनक बना हुआ है
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेरोजगारी आज देश की अर्थव्यवस्था के सामने सबसे बड़ा संकट है, लेकिन बजट में इस पर एक शब्द तक नहीं बोला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियां असंवेदनशील हैं और केवल अपने चुनिंदा मित्रों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही हैं, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार बढ़ती जा रही है।



















































