लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (सत्यनारायण सेन गुरला)। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा नामांकन नहीं किए जाने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
विधानसभा सचिव एवं निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा के डॉ. सतीश पूनिया, डॉ. अलका सिंह गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्वाचित घोषित करते हुए जीत के प्रमाण-पत्र सौंपे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका सिंह गुर्जर पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नीरज डांगी लगातार दूसरी बार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।
राजस्थान विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर भाजपा की दो और कांग्रेस की एक सीट पर जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। चूंकि चौथा नामांकन दाखिल नहीं हुआ, इसलिए चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया।
राज्यसभा में नहीं बदला दलीय संतुलन
इस चुनाव परिणाम के बाद भी राजस्थान की 10 राज्यसभा सीटों का राजनीतिक समीकरण यथावत बना हुआ है। राज्य से भाजपा और कांग्रेस के पांच-पांच सांसद राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करेंगे।
राजस्थान से वर्तमान राज्यसभा सांसद:
भाजपा (5)
- डॉ. सतीश पूनिया
- डॉ. अलका सिंह गुर्जर
- घनश्याम तिवाड़ी
- चुन्नीलाल गरासिया
- मदन राठौड़
कांग्रेस (5)
- सोनिया गांधी
- रणदीप सिंह सुरजेवाला
- मुकुल वासनिक
- प्रमोद कुमार
- नीरज डांगी
इन सांसदों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
यह चुनाव भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त होने के कारण कराया गया था। नीरज डांगी को कांग्रेस ने दोबारा उम्मीदवार बनाया और वे पुनः निर्वाचित होने में सफल रहे।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार निर्विरोध चुनाव से यह स्पष्ट हुआ कि विधानसभा में संख्या बल के अनुरूप दोनों प्रमुख दलों ने रणनीतिक तरीके से उम्मीदवार उतारे, जिससे किसी प्रकार की चुनावी प्रतिस्पर्धा की स्थिति नहीं बनी।













































