लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मनजीत सिंह | ब्यूरो चीफ, श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। राज्य में भाजपा सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जहां एक ओर उपलब्धियों का बखान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र में नगर पालिका और कृषि उपज मंडी समिति के अंतर्गत आने वाले इलाकों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।
स्थिति यह है कि कई क्षेत्रों में न तो नियमित रूप से कचरा उठाया जा रहा है और न ही समय पर सफाई कराई जा रही है। इसका सीधा असर दुकानदारों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना गंदगी और दुर्गंध के बीच रहना और काम करना पड़ रहा है।
केसरीसिंहपुर के बाजार क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सफाई को लेकर नगर पालिका और कृषि उपज मंडी समिति एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ती नजर आ रही हैं, जिससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। 
वहीं जिले भर में धान मंडियों सहित विभिन्न स्थानों पर बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शौचालयों से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण न केवल उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है, बल्कि वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है।
एक ओर भाजपा नेता सरकार के दो साल के कार्यकाल को “बेमिसाल” बताकर प्रशंसा के गीत गा रहे हैं और संगठन में मिले पदों से उत्साहित नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर श्रीकरणपुर सहित जिले के कई नगरपालिका क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।
जिले भर के दुकानदारों और नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका और कृषि उपज मंडी समिति आपसी तालमेल बनाकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


















































