लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर,।(आर एन सांवरिया) बड़ी संख्या में ट्रैफिक मार्शल पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के निवास पर पहुँचे और अपनी समस्याओं व पीड़ा को विस्तार से साझा किया। मार्शलों ने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में योगदान दिया, लेकिन अचानक उन्हें हटा दिया गया, जिससे वे बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर हो गए हैं।
जयपुर की सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है—घंटों तक जाम में फंसी आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। इस समस्या के समाधान के लिए भाजपा सरकार द्वारा लगभग 1000 ट्रैफिक मार्शलों की भर्ती की गई थी। लेकिन जैसे ही व्यवस्था में सुधार दिखने लगा, इन युवाओं को हटा दिया गया।
यह फैसला न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि युवाओं के साथ सीधा अन्याय भी है। अगर हटाना ही था, तो भर्ती क्यों की गई? यह सरकार की नीतियों में अस्थिरता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ को दर्शाता है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तुरंत जवाब दें—क्या युवाओं के भविष्य के साथ ऐसे ही खिलवाड़ किया जाएगा? पहले रोजगार का झांसा, फिर बेरोजगारी का तमाचा—यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तुरंत हस्तक्षेप कर ट्रैफिक मार्शलों की बहाली सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधर सके और युवाओं को रोजगार मिल सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी इन युवाओं के साथ खड़ी होकर उनकी आवाज को और बुलंद करेगी। बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


















































