लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीपलू (टोंक)। उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गहलोद के गांव मारखेड़ा बैरवाओं की ढाणी में सार्वजनिक रास्तों पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों तक जाने वाले मुख्य मार्ग और सरकारी तालाब के रास्ते पर कब्जा किए जाने से किसानों और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेतों तक पहुंचना हुआ मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित रास्ता वर्षों से आवागमन का प्रमुख मार्ग रहा है। रास्ता अवरुद्ध होने से किसानों को ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और कृषि उपकरण लेकर खेतों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। मजबूरी में उन्हें लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है।
तालाब का रास्ता भी प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी तालाब तक जाने वाला सार्वजनिक मार्ग भी कथित अतिक्रमण की चपेट में है। इसके कारण ग्रामीणों, पशुपालकों और अन्य लोगों को तालाब तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। उनका आरोप है कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जे से गांव में विवाद की स्थिति भी बन रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और निवेदन के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सार्वजनिक रास्तों और तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
नोट: समाचार में लगाए गए अतिक्रमण संबंधी आरोप ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष या प्रशासन की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

















































