लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर | (प्रदीप कुमार डागा)। नागौर में प्रत्येक बच्चे तक समय पर टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यशाला GAVI समर्थित Zero Dose Implementation Plan (ZIP) के तहत आयोजित हुई, जिसमें JSI R&T India Foundation द्वारा डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है।
⚕️ प्रशिक्षण से मजबूत होगा टीकाकरण अभियान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता में प्रशिक्षित मानव संसाधन की अहम भूमिका होती है और यह प्रशिक्षण जिले के टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाएगा। 
डेटा से होगी छूटे बच्चों की पहचान
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि सटीक और समयबद्ध डेटा के माध्यम से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डेटा प्रबंधन पर विशेष जोर
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने कहा कि बेहतर डेटा प्रबंधन से कम कवरेज वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाना संभव होता है।
तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों को—
- टीकाकरण डेटा संधारण
- समय पर ऑनलाइन एंट्री
- डेटा गुणवत्ता सुधार
- माइक्रोप्लानिंग
- ड्यू लिस्ट प्रबंधन
- शून्य डोज बच्चों की पहचान
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों में विशाल अग्रवाल (JSI) और डॉ. मुनिंद्र शर्मा (WHO) शामिल रहे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े अधिकारी, ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




















































