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फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने वाली शिक्षिका गिरफ्तार लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
धौलपुर, राजस्थान: राजाखेड़ा पुलिस ने एक महिला को फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर लगभग 20 वर्षों तक शिक्षिका के पद पर नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 48 वर्षीय मोनी देवी के रूप में हुई है, जो राजाखेड़ा की निवासी है। मोनी देवी पर राज्य सरकार से लाखों रुपये का वेतन प्राप्त करने का आरोप है।
फर्जीवाड़ा का खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, राजाखेड़ा ने 24 फरवरी, 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि मोनी देवी ने राजस्थान शिक्षा विभाग में अध्यापक (लेवल-1) की नौकरी पाने के लिए आगरा जिले के कक्षा 10वीं और 12वीं के जाली अंकपत्र और प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बाद, पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की।
जांच और गिरफ्तारी
जांच के दौरान, पुलिस ने मोनी देवी के 10वीं और 12वीं के शैक्षणिक दस्तावेजों में अंकित रोल नंबर का सत्यापन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, मेरठ से कराया। सत्यापन में पाया गया कि मोनी देवी के ये दस्तावेज कूटरचित और फर्जी थे।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मोनी देवी के पति, सोवरन सिंह ने 1994 में 10वीं और 1996 में 12वीं की फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्र गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, जैंगारा, आगरा से बनवाए थे। 2001 में पति की मृत्यु के बाद, मोनी देवी ने इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर 2005 में विधवा कोटे से तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर नौकरी हासिल की। वह पिछले करीब 20 वर्षों से सरकारी वेतन ले रही थी।
आज, 15 सितंबर, 2025 को पुलिस ने मोनी देवी को ताजगंज, आगरा से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी की कार्रवाई धौलपुर के पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
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