लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर:। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बयान जारी कर कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव न करवाने की बात हाईकोर्ट में कहे जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा चाहती ही नहीं कि नई पीढ़ी राजनीतिक रूप से जागृत हो और नया नेतृत्व तैयार हो। गहलोत ने इसे “बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया।
गहलोत ने कहा,
“छात्रसंघ की राजनीति से केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के भी कई नेता निकले हैं। क्या उन्हें इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात नहीं रखनी चाहिए? आखिर नई शिक्षा नीति का बहाना लेकर कब तक इन चुनावों को टाला जाएगा?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने RSS के छात्र संगठन ABVP पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर मौन क्यों है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों से भी इस विषय पर खुलकर बोलने की अपील की।












































