लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जैसलमेर, बासनपीर। खबर बासनपीर से है जहां पर पौराणिक छत्रियों को लेकर दो पक्षों में जोरदार भिड़त हो गई। पुलिस की मौजूदगी में ही लोगों ने जमकर पथराव की तोड़फोड़ की पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को मौके से ही गिरफ्तार किया। पुलिस प्रशासन और मौजूद लोगों की संदेश के बाद अब मामला शांत नजर आ रहा है और पौराणिक छतरियों पर मरम्मत का काम भी शुरू हो गया है। लेकिन घटनाओं को लेकर लोगों के बीच दहशत बैठ गई है ,एक दूसरे के खिलाफ नफरत और नाराजगी भी।
पुलिस पर भी पथराव
असामाजिक तत्वों ने न केवल स्थानीय लोगों पर बल्कि बचाव के लिए मौके पर गई पुलिस पर जमकर पतराव किया। पथराव के चलते पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई महिला पुरुषों को हिरासत में लिया। गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। पथराव करने में 8 साल से लेकर 70 साल के महिला, पुरुष, बच्चे सभी शामिल पाए गए, जिसके हाथ में जो लगा सबने पथराव किया।
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है । साथ ही सोशल मीडिया पर बगैर किसी सूत्र के खबरें वायरल करने ,वीडियो, फोटो, वायरल करने पर भी प्रतिबंध लगाया है ,जिससे कि शांति बहाल हो सके।
पौराणिक छतरियों की पुनर्निर्माण को लेकर हुआ था विवाद
बासनपीर में प्राचीन काल से कुछ छतरियां बनी हुई है इन छत्रियों में पुनर्निर्माण को लेकर दूसरे पक्ष ने विरोध करना शुरू कर दिया । एक पक्ष के लोग निवेदन करते रहे कि यह उनके पुरखों की छतरियां हैं। यह जर्जर हो रही है उनका पुनर्निर्माण जरूरी है। इसको लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया ।वहां पहुंचे लोगों पर पथराव किया। जब पुलिस पहुंची तो पुलिस पर भी पथराव किया। विवाद ज्यादा बढ़ने लगा तो पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि मौके पर शांति है लेकिन तनाव बरकरार है। पुलिस की मौजूदगी में छतरियों पर काम भी शुरू कर दिया है। पुलिस ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
विधायक प्रताप पुरी जी महाराज रविंद्र सिंह भाटी ने संभाला मोर्चा
विधायक प्रताप पुरी जी महाराज पहले दिन से इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों के साथ थे ।जब छतरिया के पुनर्निर्माण को लेकर स्थानीय मुस्लिम वर्ग के लोगों ने पहले महिलाओं के बच्चों और फिर सभी ने एक साथ हमला किया। उसके बाद तनाव बढ़ता गया । विधायक रविंद्र सिंह घाटी भी वहां पर पहुंचे ।पुलिस ने बहुत सारे लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया क्योंकि बताया जा रहा है कि असामाजिक तत्व नहीं महिला कांस्टेबलों के साथ मारपीट की । कई पुलिस वालों के भी साथ मारपीट की। पुलिस की सख्ती के बाद यहां पर दोनों छतरिया का निर्माण हो सका ।पुलिस बल अभी भी तैनात है। दोनों नेताओं को कहना है कि क्या किसी को अपने पूर्वजों की छतरियां के पुनर्निर्माण के लिए भी किसी दूसरे वर्ग की अनुमति लेनी पड़ेगी। क्या कोई किसी के घर पर जबरन कब्जा कर सकता है। यह मामला ऐसा ही है यहां पर हिंदू राजाओं की स्मृति में दो छतरियां बनी हुई है और इन दोनों छतरियां पर हिंदू समाज के लोग पूजा अर्चना करते हैं ।यह उनकी आस्था का सवाल है, जिस पर मुसलमान वर्ग के कुछ लोग जबरन कब्जा करना चाहते हैं।


















































