लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
मानेसर गुरुग्राम। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज दो दिवसीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के सभापतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया । 4 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र को मजबूत स्तंभ के कैसे बनाया जाए इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी।
स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है
सम्मेलन को संबंध करते हुए लोकसभा अध्यक्ष में कहा कि स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय में आमजन का सीधा संवाद होता है। इस सम्मेलन के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी निकायों की सभापतियों का यह सम्मेलन लोकतंत्र को मजबूत करने का मंच साबित होगा उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जड़ों तक पहुंचने में नगर निकायों की सबसे अहम और बड़ी भूमिका होती है। 
भारत के नवनिर्माण में नगर निकायों को -बड़ी भूमिका निभाई होगी
भारत के निर्माण में शहरी निकायों को नई जिम्मेदारी निभाानी होगी वर्ष 2047 तक के सपनों को पूरा करने में नगर निगम की भागीदारी जरूरी है ।हमें हर शहरी मुद्दे को जनआंदोलन में बदलना होगा, जैसे स्वच्छता आंदोलन बना, वैसे ही हर विषय में जनता की भागीदारी जरूरी है।अब नगरपालिकाओं में भी प्रश्नकाल और शून्यकाल की व्यवस्था होनी चाहिए।
जैसे संसद में व्यवधान कम हुआ है, वैसे ही नगरपालिकाओं में भी सदन सुचारू रूप से चले, हंगामा लोकतंत्र की आदर्श परंपरा नहीं है।
सभी पार्टियों के नेता सकारात्मक भूमिका निभाएं
हर राजनीतिक दल को सदन में रचनात्मक चर्चा में सहयोग करना चाहिए, सभी मिलकर नगर की समस्याओं पर सकारात्मक बहस करें। – ओम बिरला ने कहा कि देशभर से शहरी स्थानीय निकायों के सभापति सम्मिलित हुए सभी को उन्होंने बधाई दी दीदी भी कहा कि सभी को लोकतंत्र को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभाई होगी इस अवसर पर संगठन की ओर से लोकसभा अध्यक्ष और बिरला का स्वागत भी किया गया और उन्हें स्मृति दिन देखकर सम्मानित भी किया गया।











































