10वीं कक्षा की कॅापियां जांची मास्टर जी के पिता ने , विभाग जुटा बचाव में

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

कुचामनसिटी से विमल पारीक की रिपोर्ट

 कुचामनसिटी- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा का परिणाम अभी तक जारी नहीं हुआ है। प्रदेश के लाखों विद्यार्थी बेसब्री से परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इसी बीच एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें किराना की दुकान करने वाला एक व्यक्ति दसवीं बोर्ड की कॉपियां जांचता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो डीडवाना जिले के परबतसर तहसील के भादवा गांव का बताया जा रहा है और लगभग दो माह पुराना वीडियो है।

बोर्ड की गोपनीयता पर सवाल, मास्टर के पिता कॅापी जांचने के लिए अयोग्य तो फिर जांची क्यों

इस वीडियो के सामने के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड गंभीर हो गया है और शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि इस वीडियो में किराने की दुकान पर बैठा एक व्यक्ति माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की संस्कृत विषय की कॉपियां जांच कर रहा है और दुकान पर ग्राहक भी आते जाते दिखाई दे रहे हैं। बीच बीच में यह व्यक्ति सामान भी बेच रहा है और कॉपियां भी चेक कर रहा है। बताया जाता है कि कॉपियां जांच करने वाला व्यक्ति उस अध्यापक का पिता है, जिसे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कॉपियां जांचने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने किराने की दुकान चलाने वाले अपने पिता को कॉपियां जांचने दे दी।

मास्टर के पिताश्री ने जांची संस्कृत की कॅापियां

हालांकि यह वीडियो दो माह पुराना है और शिक्षा विभाग को इस वीडियो को लेकर पहले भी शिकायत मिल चुकी है। शिकायत के सामने आने के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट बनाकर बोर्ड को भेज दी है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार वीडियो में जो व्यक्ति नजर आ रहा है, वो कॉपियों की जांच नहीं कर रहा, बल्कि अंकों की टोटल लगा रहा है। उनके मुताबिक यह दुकान शिक्षक के घर में ही मौजूद है। फिर भी वीडियो सामने आने के बाद हमने टोटलिंग यानी केजिंग का केस बनाकर बोर्ड को भेजा है और संबंधित शिक्षक की राइटिंग भी मिलान की गई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

विभाग आरोपी शिक्षक को बचाने में जुटा

हालांकि इस मामले में शिक्षा विभाग जांच की बात कर रहा है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि बच्चों को नंबर आखिर किस आधार पर दिया जाते हैं, क्योंकि कॉपियां जांचने का जिम्मा बोर्ड द्वारा जिन शिक्षकों को दिया जाता है, उन्हें इसकी गोपनीयता बनाए रखना जरूरी होता है। यानी वह अपने अलावा किसी दूसरे व्यक्ति से कॉपियों की जांच या टोटलिंग नहीं करवा सकते। अब देखना होगा शिक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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