लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिया चिंतन का संदेश
तुषार पुरोहित | सिरोही
सिरोही। माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर परिसर में रविवार को भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर-2026’ का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने किया।
देशभर से कानून एवं न्याय मंत्रालय के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भाग ले रहे हैं। शिविर में पिछले 12 वर्षों में कानून एवं न्याय व्यवस्था में हुए सुधारों की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि “जीवन में कोई भी परेशानी आए तो चिंता करने के बजाय समाधान पर चिंतन करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा करना, उनसे सीख लेना और भविष्य में बेहतर कार्यप्रणाली विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि विभागों को समय-समय पर अपने कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार राजनीति में शब्दों का गलत इस्तेमाल कर ऐसा नैरेटिव तैयार किया जाता है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
कार्यक्रम में विधि सचिव एवं सचिव (विधायी विभाग) डॉ. राजीव मणि त्रिपाठी ने बताया कि आजादी के बाद अब तक भारतीय संविधान में 106 संशोधन किए जा चुके हैं। उन्होंने महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने वाले संवैधानिक संशोधन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कानून का क्षेत्र निरंतर विकसित होने वाला क्षेत्र है। उन्होंने यह भी बताया कि संविधान को आमजन की सुविधा के लिए 20 भाषाओं में प्रकाशित किया गया है।
विधि एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ज्ञान सरोवर का आध्यात्मिक वातावरण चिंतन और सकारात्मक सोच के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विधि एवं न्याय विभाग की भूमिका को लेकर शिविर में गंभीर मंथन किया जा रहा है।
दो दिवसीय शिविर के दौरान न्यायिक सुधार, विधायी बदलाव, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकसित भारत-2047 की कार्ययोजना पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही योग एवं राजयोग मेडिटेशन के विशेष सत्रों के माध्यम से तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन के सूत्र भी प्रतिभागियों को बताए जाएंगे।

















































