जर्जर मंगलाना-मकराना ओवरब्रिज बन सकता है हादसे का सबब

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

अधिवक्ताओं ने विधिक सेवा केंद्र में पेश किया प्री-लिटिगेशन प्रार्थना पत्र

प्रदीप कुमार डागा

मकराना । मंगलाना से मकराना के बीच रेलवे लाइन पर बना ओवरब्रिज लंबे समय से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के जागरूक अधिवक्ताओं ने ‘तालुक विधिक सेवा केंद्र (परबतसर/मकराना)’ के समक्ष प्री-लिटिगेशन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर पुल की शीघ्र मरम्मत करवाने और वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करने की मांग की है।

अधिवक्ताओं ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (परबतसर एवं मकराना), उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक, जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक (डीडवाना-कुचामन) को मामले में पक्षकार बनाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पुल में बढ़ रही दरारें, लोगों की जान जोखिम में

प्रार्थना पत्र में बताया गया कि ओवरब्रिज में आई दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विभाग द्वारा इस मार्ग से बसों और भारी वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है, लेकिन छोटे वाहनों की आवाजाही अब भी जारी है। स्थानीय नागरिक और नियमित रूप से आने-जाने वाले लोग मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर इस जर्जर पुल से गुजर रहे हैं।

अधिवक्ताओं का कहना है कि पुल किसी भी समय गिर सकता है, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका बनी हुई है।

मार्बल कारोबार पर भी पड़ा असर

अधिवक्ताओं ने बताया कि मकराना विश्वप्रसिद्ध मार्बल मंडी है, जहां से देश-विदेश तक मार्बल का परिवहन किया जाता है। मुख्य मार्ग बाधित होने से मार्बल परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके कारण व्यापारियों को समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा व्यापार पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि आमजन द्वारा पूर्व में कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। समाचार पत्रों में भी इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की अनदेखी के कारण हर समय गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है।

रेलवे फाटक पुनः शुरू करने की मांग

अधिवक्ताओं ने विधिक सेवा केंद्र के माध्यम से मांग की है कि आपसी समन्वय और समझाइश से ओवरब्रिज की शीघ्र मरम्मत करवाई जाए। साथ ही मरम्मत कार्य पूरा होने तक आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में संचालित रेलवे फाटक को पुनः शुरू किया जाए।

इसके अलावा, रेलवे फाटक शुरू होने के बाद ओवरब्रिज की पूरी मरम्मत होने तक छोटे वाहनों की आवाजाही भी पूर्णतः बंद करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी संभावित हादसे और जनहानि से बचा जा सके।

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