लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: नितिन मेहरा, अजमेर
अजमेर। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने अजमेर के ऐतिहासिक राजकीय मोइनिया इस्लामिया स्कूल का नाम बदलने के निर्णय पर भाजपा सरकार और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को आड़े हाथों लिया है। राठौड़ ने इसे विकास की विफलता छिपाने वाली “ओछी और संकीर्ण राजनीति” करार दिया।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राठौड़ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि राजस्थान के कई सरकारी स्कूल जर्जर हालत में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के बजाय नाम बदलने की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल नाम बदलने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आ जाएगा।
पद की मर्यादा पर टिप्पणी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के हस्तक्षेप पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक होता है और उसे सभी वर्गों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अजमेर की गंगा-जमुनी तहजीब को आहत नहीं किया जाना चाहिए।
होटल खादिम का उदाहरण
राठौड़ ने कहा कि होटल खादिम (अब अजयमेरु) का विकास पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के दौरान हुआ था। उनका दावा है कि भाजपा ने केवल नाम परिवर्तन किया, जबकि विकास कार्य पहले ही हो चुके थे।
उन्होंने फॉयसागर, किंग एडवर्ड मेमोरियल और क्रिश्चियन गंज जैसे ऐतिहासिक नामों में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह विरासत से छेड़छाड़ है।
कानून व्यवस्था और विकास पर निशाना
पूर्व RTDC अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में इसका जवाब देगी।





















































