लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सुनील निगम की उदयपुर से खास रिपोर्ट
उदयपुर। जस्थान के उदयपुर में बहुचर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म उदयपुर फाइल्स आज देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म का पहला शो उदयपुर के भूवाणा स्थित अर्बन स्क्वेयर मॉल में रखा गया, जहां कन्हैया लाल के दोनों बेटे यश और तरुण भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचे शो से पहले उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने मॉल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और माहौल बेहद संवेदनशील और भावुक रहा
पिता की याद में बुक की एक सीट
फिल्म शुरू होने से पहले कन्हैया के दोनों बेटों ने अपने पिता की तस्वीर एक खाली सीट पर लगाई और पुष्पांजलि अर्पित की. यह सीट पूरे शो के दौरान उनके पिता की स्मृति में खाली रखी गई. जैसे ही फिल्म शुरू हुई, बेटों की आंखें नम हो गईं और वे भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए फिल्म के कई दृश्यों में वे फूट-फूटकर रोते हुए नजर आए।
फिल्म देखने पहुंचे कन्हैया लाल के बेटे
फिल्म देखने के बाद यश साहू ने कहा, “यह किसी धर्म समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि कट्टरपंथी सोच को उजागर करती है. इसमें हमारे पिता के अंतिम दिनों की सच्ची कहानी है, जिसे हर किसी को जानना चाहिए” उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक सिनेमा नहीं, बल्कि न्याय की उम्मीद है “मुझे भरोसा है कि यह फिल्म लाखों लोगों के जरिये हमें इंसाफ दिलाने में मदद करेगी 28 जून 2022 की दर्दनाक यादें फिर ताजा हो गईं. पिता की आत्मा को शांति तभी मिलेगी जब दोषियों को फांसी होगी”
न्याय के लिए तीन साल से लड़ रहा परिवार
यश ने बताया कि उनका परिवार पिछले 3 साल से न्याय के लिए लड़ रहा है, लेकिन अब तक केस में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है “इस हादसे से पहले हमारा घर हंसी-खुशी से भरा था, मां के चेहरे पर मुस्कान रहती थी, लेकिन इस घटना ने हमारी खुशियां छीन लीं”
उन्होंने कहा कि देश की जनता इस फिल्म को जाति-धर्म से ऊपर उठकर देखे और परिवार की न्याय की लड़ाई में साथ दे कन्हैया के बेटे ने कहा, “मैंने शो में एक सीट पिताजी के लिए बुक की है, जिस पर उनकी तस्वीर लगाकर पुष्पांजलि दी जहां-जहां यह फिल्म चलेगी, वहां मैं एक सीट उनके नाम बुक करवाऊंगा, क्योंकि मुझे लगता है कि वे आज भी हमारे साथ हैं”
थिएटर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फिल्म खत्म होने के बाद यश साहू ने देश की जनता से अपील की, “ज्यादा से ज्यादा लोग यह फिल्म देखें और हमारी न्याय की लड़ाई में साथ दें यह फिल्म दिखाती है कि आतंकवादी मानसिकता वाले लोगों ने हमारे पिता की हत्या कैसे की थी.” उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, यह दर्द उनके दिल से नहीं जाएगा और यह घटना बार-बार उनकी आंखों के सामने घूमती रहेगी.यश साहू ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनके पिता की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी”
दर्शकों की प्रतिक्रिया:
फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों में से मोहन नाम के एक शख्स ने कहा, “तीन साल बीत गए, लेकिन आरोपियों को अभी तक सजा नहीं मिली. यह घटना तालिबानी तरीके से अंजाम दी गई थी, जिसने पूरे देश को हिला दिया था. दोषियों को जल्द से जल्द फांसी मिलनी चाहिए” अन्य दर्शकों ने भी कहा कि फिल्म ने उनके दिल को झकझोर दिया और वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले में तुरंत कार्रवाई करे