Home latest बेटी ने पिता को नया जीवन देने के लिए लिवर का एक...

बेटी ने पिता को नया जीवन देने के लिए लिवर का एक हिस्सा दान किया

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर के डॉक्टर्स की ऐतिहासिक सफलता

 राजस्थान में पहली बार हुई रोबोटिक डोनर हेपेटेक्टॉमी 

जयपुर। लिवर ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर के सेंटर फॉर डाइजेस्टिव साइंसेज के चिकित्सकों ने राजस्थान में पहली बार रोबोटिक डोनर हेपेटेक्टॉमी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 

सेंटर फॉर डाइजेस्टिव साइंसेज के चेयरमैन एवं एचपीबी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांटेशन विभागाध्यक्ष डॉ नैमिष एन मेहता 

के अनुसार इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में उन्नीस वर्षीय बेटी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया। पिता डीकम्पेन्सेटेड लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे।

यह सर्जरी अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की सहायता से की गई, जिससे जटिल लिवर सर्जरी को अत्यंत सटीकता के साथ, न्यूनतम रक्तस्राव और पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कहीं छोटे चीरे के माध्यम से संपन्न किया जा सका। रोबोटिक सर्जरी के परिणामस्वरूप डोनर को कम दर्द हुआ, कम दवाइयों की आवश्यकता पड़ी, ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव न्यूनतम रहा तथा मरीज की रिकवरी तेज़ होने के साथ अस्पताल में रहने की अवधि भी कम रही।

डॉ. नैमिष ने बताया कि रोबोटिक डोनर हेपेटेक्टॉमी डोनर की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लिविंग डोनर पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति होता है और उसकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। रोबोटिक सर्जरी इसमें सबसे सुरक्षित, कम दर्दनाक और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम देने में सक्षम बनाती है, जिससे डोनर की सर्जरी के बाद जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

0इस सफल सर्जरी से महात्मा गांधी अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की निरंतर बढ़ती क्षमताओं का भी प्रमाण मिलता है।

 

यह जटिल प्रक्रिया एचपीबी एवं लिवर ट्रांसप्लांट टीम द्वारा संपन्न की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. नैमिष एन. मेहता ने किया। टीम में डॉ. विनय महला, डॉ. देवेंद्र चौधरी और डॉ. अनिल गुप्ता शामिल रहे। हिपेटोलॉजिस्ट डॉ करण कुमार, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. गौरव और डॉ. कौशल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सर्जरी के बाद डोनर को बिना किसी जटिलता के डिस्चार्ज कर दिया गया है और डोनर व रिसीपिएंट दोनों ही स्वस्थ होकर तेजी से रिकवर कर रहे हैं। यह उपलब्धि राजस्थान में उन्नत लिवर ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर साबित हुई है तथा अंतिम चरण की लिवर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए नई आशा लेकर आई है।

Previous articleकोडयाई में महिला की नृशंस हत्याकांड का पर्दाफाश
लोक टूडे न्यूज " जनता की आवाज " देश की खबरों का एक मात्र वेब पोर्टल है। इस न्यूज पोर्टल के माध्यम से लोगों की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाना ही प्रमुख लक्ष्य है। खबरें निष्पक्ष और बगैर किसी पूर्वाग्रह के प्रकाशित की जाएगी। लोक टुडे के नाम से दैनिक और पाक्षिक समाचार पत्र भी है। यू ट्यूब चैनल भी चलाया जा रहा है। आपका सहयोग अपेक्षित है। आप भी खबर , फोटो यहां भेज सकते हैं। आप वैबसाइट और पेपर से जुड़ने के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते है। 9829708129, 8209477614,neerajmehra445@gmail.com, loktodaynews@gmail.com प्रधान संपादक नीरज मेहरा जयपुर।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version