लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भारी बारिश और बाढ़ ने हालात बदतर किए, संयुक्त राष्ट्र ने सहायता अब भी रोके जाने की चेतावनी दी
गाज़ा : गाज़ा में जारी मानवीय संकट सर्दियों के तेज़ तूफ़ानों, भारी बारिश और बाढ़ के कारण और गंभीर हो गया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से अस्थायी शिविर जलमग्न हो गए हैं, हजारों लोगों के पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है और ज़रूरी मानवीय सहायता अब भी सीमाओं पर अटकी हुई है।
️ बाढ़ में डूबे शरणार्थी शिविर
हालिया तूफ़ानों के चलते गाज़ा के कई इलाकों—खासतौर पर खान यूनिस, रफ़ाह और गाज़ा सिटी—में लगाए गए टेंट और अस्थायी शेल्टर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार,
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सैकड़ों टेंट क्षतिग्रस्त या बह गए
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लोगों का बिस्तर, कपड़े और खाद्य सामग्री नष्ट हो गई
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कई परिवार खुले आसमान के नीचे ठंड और बारिश झेलने को मजबूर हैं
जल निकासी और सीवेज व्यवस्था के नष्ट होने से गंदा पानी बस्तियों में फैल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बच्चों पर सबसे ज़्यादा असर
इस संकट का सबसे भयावह असर बच्चों पर पड़ रहा है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार,
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ठंड और नमी के कारण नवजात बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ गया है
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हाल के दिनों में एक नवजात की ठंड से मौत की पुष्टि हुई है
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कई बच्चे गंभीर सर्दी, सांस की बीमारियों और संक्रमण से जूझ रहे हैं
संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी यूनिसेफ ने कहा है कि गीले और असुरक्षित टेंट बच्चों के लिए “जानलेवा हालात” पैदा कर रहे हैं।
मानवीय सहायता अब भी बाधित
संयुक्त राष्ट्र और राहत संगठनों का कहना है कि हालात को संभालने के लिए ज़रूरी सामग्री—
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सर्दी से बचाव वाले टेंट
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कंबल, गर्म कपड़े
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प्लास्टिक शीट और हीटर
अब भी गाज़ा में प्रवेश नहीं कर पा रही है। सहायता एजेंसियों का आरोप है कि सीमा प्रतिबंधों और प्रशासनिक अड़चनों के कारण लाखों लोगों तक मदद नहीं पहुँच रही।
UN अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सहायता का निर्बाध प्रवाह शुरू नहीं हुआ, तो मानवीय अभियान पूरी तरह ठप हो सकता है।
पहले से तबाह हालात
यह प्राकृतिक आपदा ऐसे समय आई है जब गाज़ा पहले ही लंबे संघर्ष के कारण बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान से जूझ रहा है।
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लाखों लोग विस्थापित हैं
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अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं
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साफ पानी और भोजन की भारी कमी है
बारिश और ठंड ने इस संकट को और भयावह बना दिया है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने एक बार फिर सभी पक्षों से अपील की है कि
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मानवीय सहायता पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएँ
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बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए
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सर्दी के मौसम में जीवन रक्षक मदद तुरंत पहुँचाई जाए
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह संकट रोका जा सकता है, बशर्ते समय पर सहायता और मानवीय पहुँच सुनिश्चित की जाए।
















































