लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कल जयपुर में खुलेगा लॉटरी का पिटारा
सत्यनारायण सेन गुरला
गुरला/जयपुर। राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने ओबीसी (OBC) आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का नया खाका तैयार कर लिया है। नए समीकरणों के तहत प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में से 60 निकाय प्रमुख (मेयर, सभापति, चेयरमैन) और 41 जिला परिषदों में से 5 जिला प्रमुख के पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए सुरक्षित (रिजर्व) किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा पदों वाला जयपुर संभाग सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
जानिए किस फॉर्मूले से और किस वर्ग की पहले निकलेगी लॉटरी
चुनाव नियमों के मुताबिक आरक्षण का निर्धारण करने के लिए लॉटरी प्रक्रिया एक निश्चित क्रम में आयोजित की जाती है:
1. SC और ST वर्ग सबसे पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की लॉटरी निकाली जाती है। इनके पदों का निर्धारण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर होता है।
2. OBC वर्ग जनसंख्या अनुपात तय होने के बाद बची हुई सीटों पर ओबीसी वर्ग के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
3. सामान्य वर्ग सबसे अंत में बची हुई सीटें सामान्य (General) वर्ग के खाते में जाती हैं।
नोटः इन सभी श्रेणियों की लॉटरी के साथ ही महिलाओं के लिए निर्धारित कोटा (नगरीय निकायों में 33% और पंचायती राज में 50%) की लॉटरी भी समानांतर रूप से निकाली जाएगी।
जयपुर संभाग में सबसे बड़ा सियासी दंगल
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार भी प्रदेश का जयपुर संभाग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका में रहने वाला है। जयपुर संभाग में सबसे अधिक 91 नगरीय निकाय और रिकॉर्ड 2,970 वार्ड शामिल हैं। इसके चलते यहाँ आरक्षण की लॉटरी का सबसे बड़ा असर देखने को मिलेगा और कई दिग्गजों के सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
कल (13 अगस्त) से शुरू होगा लॉटरी का पूरा शेड्यूल
आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए ऑफलाइन लॉटरी का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है:
13 अगस्त (सुबह 10:30 बजे से) स्वायत्त शासन निदेशालय (DLB) में सभी 309 निकाय प्रमुखों के पदों की लॉटरी खुलेगी। इसी दिन जिला मुख्यालयों पर वार्ड पार्षदों की सीटों की लॉटरी भी शुरू होगी।
13 अगस्त (दोपहर 3:15 बजे) जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में सभी 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
17 अगस्तः जिला स्तर पर पार्षद और पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए लॉटरी का आयोजन होगा।
18 अगस्तः उपखंड (SDO) स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंचों और वार्ड पंचों के आरक्षण का फैसला पर्ची निकालकर किया जाएगा।
50% की सीमा का रखा गया है ध्यान
सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सरकार ने यह साफ किया है कि एससी, एसटी और ओबीसी का कुल मिलाकर आरक्षण किसी भी स्थिति में 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को पार नहीं करेगा। जिन जिलों या निकायों में एससी/एसटी की आबादी ज्यादा है, वहां ओबीसी का कोटा 21 फीसदी से कम भी हो सकता है। राजस्थान हाईकोर्ट के
आदेशानुसार, राज्य निर्वाचन आयोग को 15 नवंबर 2026 तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न करानी है।






















































