लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पानी पीने पहुंचे मासूम को लगा करंट, अस्पताल में परिजनों का हंगामा; परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए
श्रीगंगानगर। (ब्यूरो चीफ मनजीत सिंह)
श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय मासूम की जान चली गई। घर के पास स्थित एक निजी स्कूल में खेलने गए बच्चे की वाटर कूलर से पानी पीते समय करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग सादुलशहर के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पानी पीने के दौरान करंट की चपेट में आया देवांश
जानकारी के अनुसार 10 वर्षीय देवांश घर के पास स्थित बाल भारती स्कूल परिसर में खेलने गया था। खेलते समय उसे प्यास लगी और वह स्कूल परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी पीने पहुंचा।
परिजनों के मुताबिक वाटर कूलर में करंट आ रहा था। पानी पीने के दौरान देवांश करंट की चपेट में आ गया और अचेत होकर नीचे गिर पड़ा।
आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल संभाला और सादुलशहर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद देर रात मृतक के परिजन और मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
मृतक की मां का आरोप है कि वाटर कूलर में पहले से करंट की समस्या थी और इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चे के किसी पुरुष परिजन को सूचना नहीं दी गई और उसकी मां सहित अन्य महिलाओं को अस्पताल बुलाया गया। परिजनों के अनुसार उन्हें बताया गया कि बच्चा वाटर कूलर के पास चक्कर आने से गिर गया था और उसे अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बच्चे के पैर झुलसने का किया दावा
परिजनों और मोहल्ले की महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने घर जाकर बच्चे को देखा तो उसकी टांग पर करंट से झुलसने के निशान दिखाई दिए। इसके बाद वे अन्य परिजनों और मोहल्लेवासियों के साथ बच्चे के शव को लेकर अस्पताल पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि यदि वाटर कूलर में करंट की समस्या पहले से थी और इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को थी, तो उसे ठीक कराने के लिए समय रहते कदम उठाए जाने चाहिए थे।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक स्तर पर वाटर कूलर की अर्थिंग और वायरिंग में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की ओर से स्कूल प्रबंधन से पूछताछ और वाटर कूलर को जांच के लिए कब्जे में लेने की कार्रवाई की जा रही है।
स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मासूम देवांश की मौत के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। घटना ने स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूलों में लगे वाटर कूलर, बिजली के तार, स्विच बोर्ड और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और हादसे की जिम्मेदारी तय होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



















































