लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
न्यायिक सुधारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय मंथन शुरू
तुषार पुरोहित | सिरोही
सिरोही। जिले के पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू स्थित ज्ञान सरोवर में शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर-2026’ का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग एवं विधायी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से विधि विशेषज्ञ, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान न्यायिक सुधारों, विधायी प्रक्रियाओं में बदलाव तथा न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल पर चर्चा की गई।
दो दिवसीय चिंतन शिविर का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाना है। सम्मेलन में न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, डिजिटल न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विधि एवं न्याय मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा के साथ विभिन्न सुधारात्मक पहलों के प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा। साथ ही, विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की न्यायिक नीतियों और रणनीतियों पर विचार किया जाएगा।
सम्मेलन में ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी न्याय व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जो तेज, भरोसेमंद, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए सहज रूप से सुलभ हो।
शिविर के दौरान ई-कोर्ट प्रणाली, न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, विधायी सुधार, न्याय तक आसान पहुंच और न्यायिक संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर तकनीकी एवं विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे।
4 और 5 जुलाई तक चलने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधि न्यायिक सुधारों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे तथा भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे। माउंट आबू में आयोजित यह सम्मेलन देश की न्याय व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सशक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
