लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आईटी सेक्टर की सुस्ती हुई उजागर
मुंबई (रितु मेहरा) : भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) अब लगभग 18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो देश की शीर्ष पांच आईटी कंपनियों—टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और टेक महिंद्रा—के संयुक्त बाजार मूल्य के लगभग बराबर हो गया है। यह बदलाव भारतीय आईटी सेक्टर में पिछले दो वर्षों से जारी गिरावट और सुस्ती को दर्शाता है।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2024 के अपने रिकॉर्ड स्तर से इन पांच प्रमुख आईटी कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप करीब 46.2% घटकर लगभग 18.15 लाख करोड़ रुपये रह गया है। वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च में कमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक अनिश्चितताओं ने आईटी कंपनियों के शेयरों पर लगातार दबाव बनाए रखा है।
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने ऊर्जा, दूरसंचार (जियो), रिटेल और डिजिटल कारोबार में मजबूत प्रदर्शन के दम पर निवेशकों का भरोसा कायम रखा है। कंपनी की विविध कारोबारी रणनीति ने उसे भारतीय शेयर बाजार में सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा बनाए रखने में मदद की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। जहां विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनियों को निवेशकों का अधिक समर्थन मिल रहा है, वहीं आईटी सेक्टर अभी भी कमजोर वैश्विक मांग और घटते मुनाफे के दबाव से जूझ रहा है।
