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खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई—कृषि मंत्री

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


रिपोर्ट: आर. एन. सांवरिया

जयपुर: राज्य सरकार और कृषि विभाग ने खरीफ 2026 सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा किया है। साथ ही उर्वरकों के अवैध भंडारण, डायवर्जन और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाया जा रहा है।

राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 तक प्रदेश में सहकारी और निजी क्षेत्र में लगभग 3.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 71 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 67 हजार मीट्रिक टन एनपीके और 2.13 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उर्वरकों की कमी नहीं आने दी जाएगी।

सख्त निगरानी और कार्रवाई

कृषि विभाग द्वारा जिला, उपखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं तथा गैर-कृषि उपयोग करने वाली इकाइयों—जैसे प्लाईवुड, रेजिन, डेयरी और पशु आहार इकाइयों—पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले उर्वरक विक्रेताओं को बख्शा नहीं जाएगा।

विशेष अभियान जारी

विभाग द्वारा 29 मार्च से गुणवत्ता नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही 11 अप्रैल से विशेष अभियान के तहत औचक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई तेज की गई है।

नरेश कुमार गोयल के नेतृत्व में कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र में प्लाईवुड इकाइयों पर यूरिया के दुरुपयोग की आशंका के चलते छापेमारी की गई।

कार्रवाई के आंकड़े

  • 2793 निरीक्षण किए गए
  • 437 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस
  • 23 विक्रेताओं की बिक्री पर रोक
  • 38 लाइसेंस निलंबित
  • 1 मामले में एफआईआर दर्ज

किसानों के लिए सलाह

प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद, जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे बुवाई के समय ही आवश्यकतानुसार उर्वरक खरीदें और रासायनिक उर्वरकों के साथ वैकल्पिक उर्वरकों का भी संतुलित उपयोग करें।

सरकार का कहना है कि पारदर्शी वितरण और सख्त निगरानी के जरिए किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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