लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जब राज्य का मंत्री स्वयं न्याय मांगने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय पहुंच रहा है, तो यह सरकार की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
खाचरियावास ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री का यह कहना कि “यदि मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार कर लो” इस बात का प्रमाण है कि सरकार के भीतर गहरी गुटबाजी, अविश्वास और टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा विरोधाभास और विडंबना राजस्थान की राजनीति में पहले कभी देखने को नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी ही सरकार का मंत्री किससे न्याय मांगने को मजबूर है और आखिर सरकार के भीतर ऐसा कौन सा दबाव या षड्यंत्र चल रहा है। खाचरियावास ने कहा कि यदि मंत्री स्वयं अपने खिलाफ षड्यंत्र का आरोप लगा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन है और पूरी प्रशासनिक मशीनरी सरकार के नियंत्रण में है, इसके बावजूद एक मंत्री को एसीबी के पास जाना पड़ रहा है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने बीज निगम के डायरेक्टर की नियुक्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति की नियुक्ति की गई, उसके पास से 2 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करने की बजाय संरक्षण किसके इशारे पर दिया जा रहा है।
खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार आपसी राजनीतिक खींचतान में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि सरकार के मंत्री ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह दिशाहीन हो चुका है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ओर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनता के सामने सच्चाई रखी जाए और सरकार के भीतर चल रही स्थिति को स्पष्ट किया जाए।
















































