राजलक्ष्मी बैंक घोटाले के दो इनामी आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की हेराफेरी का मामला

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

फर्जी दस्तावेजों पर मॉर्गेज लोन लेकर बैंक को लगाया करोड़ों का चूना, पति-पत्नी पर था ₹10-10 हजार का इनाम

जयपुर। जयपुर के माणक चौक थाना पुलिस ने राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में आठ वर्षों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम घोषित था।

प्रमोद शर्मा और सिंधु शर्मा पिछले आठ वर्षों से फरार थे

पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रमोद शर्मा और उनकी पत्नी सिंधु शर्मा के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से फुलेरा क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में झोटवाड़ा स्थित स्वर्ण कॉलोनी में रह रहे थे।

पुलिस के अनुसार, सहकारिता विभाग के आदेशों की पालना में वर्ष 2018 में माणक चौक थाने में एफआईआर संख्या 365/2018 दर्ज की गई थी। आरोप है कि बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा डॉ. फिरोजा बानो, जो अब भी फरार हैं, ने तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों, ऋणियों और गारंटरों के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश रची। फर्जी एवं विवादित संपत्तियों के दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये के मॉर्गेज लोन स्वीकृत करवाए गए और बैंक की बड़ी राशि का गबन किया गया।

दोनों पर इनाम

पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में आरोपी प्रमोद शर्मा और सिंधु शर्मा पिछले आठ वर्षों से फरार थे। लंबे समय से उनकी तलाश की जा रही थी और दोनों पर इनाम भी घोषित था। रविवार को माणक चौक थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर बैंक घोटाले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों, वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

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