हरियाली अमावस्या पर, गुरलाॅ में पर्वत श्रृंखलाओं ने हरियाली की चादर ओढ़ी

0
173
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

*हरियाली अमावस्या के स्वागत में मुस्कुराती धरा, लहरों का सरोवर, याद दिलाता इतिहास पर्यटक स्थल की ओर बढ़ता गुरलां*

*सत्यनारायण सेन गुरला*

गुरलाॅ /भीलवाड़ा -यह तस्वीर भीलवाड़ा जिले के गुरलाॅ क्षेत्र की है। मानसून की मेहरबानी से पर्वत श्रृंखलाओं ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। हरियाली अमावस्या के मौके पर यहां की वादियां और चोटियां मानो प्रकृति का उत्सव मना रही हैं। यहां पहाड़ी विराजमान मां कालिका जहां आज के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। जहां हर वर्ष ,अगस्त में हरियाली चरम पर होती थी, वहां इस बार जुलाई में ही प्राकृतिक श्रृंगार दिखने लगा है। पहाड़ों से रिसकर पानी के रूप में गिरता बरसाती पानी पहाड़ी से रणजीत सागर तालाब में लहरों को इस दृश्य को और भी आकर्षक बना रहा है। हरियाली अमावस्या पर यह दृश्य प्रकृति के पुनर्जन्म की मिसाल बन गया है।

एक संकेत कि जब मानव, पेड़ और पर्वत मिलते हैं, तो धरती व पर्वत मुस्कराते है। मंदिर समिति के अनुसार, आज हरियाली अमावस्या के मौके पर श्रद्धालु गुरलाॅ के कालिका माता के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। हाइवे 758 पर बलखाती सड़क का दृश्य, पहाड़ी से रणजीत सागर तालाब का मनमोहक दृश्य अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, साथ ही गुरलाॅ के इतिहास को संजोए हुए गुरलाॅ का गढ़ देखने लायक है
गुरलाॅ भीलवाड़ा जिले के कश्मीर के नाम से भी जाना जाता है जो एक पर्यटन के रूप में उभर रहा है

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here