आई माता भक्तों की उमड़ी आस्था, भजन संध्या में देर रात तक झूमे श्रद्धालु

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


गौतम शर्मा, राजसमंद

राजसमंद। राजसमंद जिले के पिपली अहिरान स्थित आई माता मंदिर परिसर में चल रहे पांच दिवसीय अखंड ज्योत स्थापना महोत्सव के तहत बीती रात्रि विशाल भक्ति संगीत भजन संध्या का आयोजन हुआ। मेवाड़-मारवाड़ से पहुंचे भजन गायकों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा और “आई माता की जय” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

भजन संध्या की शुरुआत भजन गायिका निकिता सीरवी ने गजानंद वंदना से की। इसके बाद “आई माता शरण आयो री लाज रखजो”, “बिलाड़ा में माता माजीसा रा गुण गावा”, “अंबापुर अवतारी माता” और “केसर बरसो रे” जैसे भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। नृत्य कलाकार निराली सीरवी ने धार्मिक भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का खूब मनोरंजन किया।

सीरवी समाज के सचिव माधवलाल भायल ने बताया कि भंवर सिंह ने महाराणा प्रताप एवं देशभक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। वहीं अशोक सीरवी ने “मेरी आई माता के दरबार में नाचे भक्तगण” सहित कई भजनों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में जती बावजी, पेमा बावजी, भंवर महाराज सहित कई संत-महंतों का सानिध्य रहा। इस अवसर पर समाज की 75 प्रतिभाओं का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष नारायणलाल, सचिव माधवलाल भायल, कोषाध्यक्ष डालचंद, उपाध्यक्ष गणेशलाल, गोपीलाल, नंदलाल, नानूराम, भेरूलाल, चुन्नीलाल सहित मेघा खेड़ा, पीपली अहिरान, प्रेमपुरा, पेमा खेड़ा, लालपुर घाटी, खाकलिया खेड़ा, सूरजपुरा व कुंवारिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंदिर परिसर में जारी रहा हवन अनुष्ठान
अखंड ज्योत स्थापना महोत्सव को लेकर रविवार को भी मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ जारी रहा। विद्वान पंडित हरीश कुमार शर्मा एवं प्रवीण Kumar शर्मा सहित पांच पंडितों के सानिध्य में सीरवी समाज के 13 जोड़ों ने हवन में आहुतियां दीं। वहीं नारलाई से लाई गई अखंड ज्योत का समाजजनों ने भव्य स्वागत किया।

कल होगी अखंड ज्योत की स्थापना
आई माता मंदिर परिसर में सोमवार को अभिजीत मुहूर्त में दोपहर सवा 12 बजे जयकारों के बीच अखंड ज्योत की स्थापना की जाएगी। इसके बाद विशेष आरती एवं महाप्रसाद के साथ महोत्सव का समापन होगा।

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