
जयपुर। राजस्थान में सरकार बदलने के साथी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के दिन भी उल्टे दिन आ गए हैं। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन और सरकार के बीच पिछले दिनों शुरू ही तल्खी का नतीजा शुक्रवार को देखने को मिला। जब क्रीड़ा परिषद में आरसीए से उसका दफ्तर, होटल ,अकादमी और ग्राउंड आदि खाली करा कर अपने कब्जे में ले लिया।

क्रीडा परिषद का तर्क था कि आरसीए का सरकार से एमओयू 21 फरवरी को खत्म हो चुका है । एमओयू की शर्तों के अनुसार आरसीएफ को नोटिस दिया था। शुक्रवार शाम 4:30 बजे तक बकाया 35 करोड़ पर जमा कर दे लेकिन आरसी ने जवाब नहीं दिया । क्रीडा परिषद के सचिव सोमनाथ चौधरी के नेतृत्व में जिला खेल अधिकारी करण सिंह शेखावत की टीम 3:30 बजे कार्रवाई करने पहुंची ,जब तब आरसी अध्यक्ष वैभव गहलोत अपनी बेटी व पत्नी के साथ दफ्तर में थे। सूत्रों के अनुसार टीम ने समय पुरा हो गया कहते हुए कार्रवाई शुरू की और 3 घंटे में सभी परिसर खाली कर लिया गया। ग्राउंड में आरसीए का मुख्य भवन सीज कर दिया गया। मुख्य ग्राउंड भी कब्जे में ले लिया गया ।अध्यक्ष सचिव के कमरों सहित होटल के 28 खबरें भी सीज कर दिए गए चेंबर से सभी सामान निकाल दिया गया।
आईपीएल पर नहीं पड़ेगा फर्क
क्रीडा परिषद का कहना है कि इसका आईपीएल के मैचों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। राजस्थान रॉयल्स के उपाध्यक्ष संजीव खन्ना ने कहा कि विश्वास है की सरकार आईपीएल मैच बाहर नहीं जाने देगी ।सरकार बदले या आईपीएल मैच हो पहले भी कई बार विवाद हुए हैं। मैच से पहले भी ताले लगाए गए लेकिन फिर मैच पूरे हुए। क्रीडा परिषद के सचिव सोहन राम का कहना है कि खेल की गतिविधियां जारी रहेगी। हमने केवल हमारे किराएदार को बाहर किया है। हमने आरसीए को 10 से ज्यादा नोटिस दिए। लेकिन जवाब ही नहीं दिया जाता। आरसीए से सिर्फ एक पत्र मिला इसमें भी एमओयू 10 साल बढ़ाने का आग्रह किया था ।जबकि बकाया राशि चुकानी चाहिए थी। इसलिए आरसीए का भवन खाली कराया गया है । वहीं दूसरी ओर वैभव गहलोत का कहना है कि हमने सरकार से फिर से एमआईयू बढ़ाने का आग्रह किया था ।दो दिन पहले ही नोटिस मिला है आज जिस तरह की कार्यवाही की गई है ऐसा लगता है सरकार बदलने के साथ ही खेलों में भी राजनीति हो रही है । और मैं 7 दिन दे दे तो 2 दिन में सब कैसे करते , खेल गतिविधियां न रूके इसके लिए पूरे प्रयास करें।

















































