लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय है, जहां से राज्य की नीतियों और योजनाओं की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि यदि सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें तो शासन की गति बढ़ती है और इसका सीधा लाभ आमजन को मिलता है। उन्होंने सुशासन के संकल्प को साकार करने के लिए जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘कर्तव्य भवन’ और ‘सेवातीर्थ’ जैसी पहल तथा ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने पर बल दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से इस मॉडल को अपनाकर अपनी क्षमता और दक्षता बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले सवा दो वर्षों में कर्मचारी हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें समयबद्ध पदोन्नति, ग्रेच्युटी सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करना तथा आरजीएचएस में माता-पिता/सास-ससुर विकल्प जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बजट 2026-27 में कार्मिकों एवं पेंशनर्स के हित में कई प्रावधान किए गए हैं। पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। साथ ही अधिकारियों को रूल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने सचिवालय कार्मिकों के लिए पदोन्नति के अतिरिक्त अवसरों के तहत 15 नए पदों के सृजन और पूर्व में पदोन्नति में छूट न पाने वाले काडरों के लिए 2 वर्ष की छूट की घोषणा भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि, जल, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।























































