लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अंत्योदय के प्रणेता के आदर्शों को किया नमन, मुख्यमंत्री बोले—दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी हमारे लिए पथ प्रदर्शक
जयपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को धानक्या स्थित स्मारक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों और विचारों का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय मां भारती की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता और महान विचारक थे। उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को अपने जीवन का ध्येय बनाया।
‘अंत्योदय’ को बनाया जीवन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की सोच के साथ ‘अंत्योदय’ का विचार दिया। उन्होंने समावेशी विकास के लिए ‘एकात्म मानववाद’ की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज भी समाज और राष्ट्र के विकास के लिए मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन और विचार सरकार तथा समाज के लिए पथ प्रदर्शक हैं। उनकी विचारधारा में अंतिम व्यक्ति के कल्याण और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार की योजनाओं में अंत्योदय को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय को अपना ध्येय मानकर जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। सरकार की कोशिश है कि विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
धानक्या में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके विचारों को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बताया तथा उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।


















































