लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट -तुषार पुरोहित सिरोही
सिरोही। सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र की मकावल ग्राम पंचायत में स्थित पंचायत भवन और सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बने शौचालय लंबे समय से उपेक्षा और लापरवाही का शिकार हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पंचायत भवन परिसर में बनाए गए शौचालयों पर सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद ये अब तक उपयोग में नहीं लाए जा सके हैं। स्थिति यह है कि वर्षों से सफाई नहीं होने के कारण शौचालय पूरी तरह गंदगी और दुर्गंध से भरे हुए हैं।
पानी की उचित व्यवस्था न होने के चलते ये शौचालय अनुपयोगी बने हुए हैं, वहीं आसपास झाड़ियां उगने और कचरा जमा होने से स्थिति और भी खराब हो गई है। पंचायत भवन के बाहर स्थित सार्वजनिक शौचालयों की हालत इससे भी अधिक दयनीय बताई जा रही है, जहां साफ-सफाई का कोई प्रबंध नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति न केवल आम जनता के लिए असुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है। राहगीरों और स्थानीय निवासियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि होने के बावजूद शौचालयों की ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
मकावल ग्राम पंचायत की यह स्थिति ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत को भी उजागर करती है और सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।



















































