लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिला नया आयाम
अजमेर। राजस्थान के अजमेर में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) के न्यू सराधना स्थित ‘गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल’ (GCT) से मुंद्रा पोर्ट के लिए पहली एक्सपोर्ट कंटेनर रैक को सफलतापूर्वक रवाना किया गया।
इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा सहित रेलवे, DFCC और CWC के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए बड़ी प्रगति बताया।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह टर्मिनल खासतौर पर किशनगढ़, ब्यावर और राजसमंद के मार्बल, ग्रेनाइट और खनिज उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) से सीधी कनेक्टिविटी के चलते अब माल परिवहन तेज, सस्ता और अधिक प्रभावी होगा। साथ ही ब्यावर के सीमेंट उद्योग और अजमेर क्षेत्र की सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ टर्मिनल
बाढ़ और माइनिंग स्ट्राइक जैसी चुनौतियों के बावजूद यह टर्मिनल महज 7 महीनों में तैयार किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
टर्मिनल की प्रमुख विशेषताएं
- लगभग 17,500 वर्ग मीटर का विशाल कंटेनर यार्ड
- 943 मीटर लंबी लूप लाइन
- आधुनिक 140 मिलियन टन क्षमता वाला इलेक्ट्रॉनिक इन-मोशन वेब्रिज
- शुरुआती चरण में हर महीने 2 से 3 रैक संचालन की संभावना

आयात-निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
इस टर्मिनल से मार्बल, ग्रेनाइट, सीमेंट और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, सीमेंट क्लिंकर, कोयला, फ्लाई ऐश और उर्वरक जैसे उत्पादों का आयात भी यहां से संभव होगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव, मंडल परिचालन प्रबंधक विपिन यादव, DFCC के CGM विनीत त्यागी और CWC के रीजनल मैनेजर प्रिंस कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल राजस्थान को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।























































