लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सत्य नारायण चादा
रिपोर्टर – चाकसू
चाकसू।
राजकीय उपजिला अस्पताल चाकसू में सोमवार को एक नवजात शिशु की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिशु के परिजन रोते-बिलखते रहे और अस्पताल स्टाफ तथा डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज मिल जाता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
परिवार के अनुसार, नवजात की नोर्मल डिलीवरी हुई थी और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन टीकाकरण के तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। तेज बुखार और उलटियों के बावजूद कई बार स्टाफ और ड्यूटी डॉक्टरों को बुलाया गया, लेकिन समय पर कोई नहीं आया। कई घंटे इंतजार के बाद शाम तक हालत गंभीर हो गई और शिशु ने दम तोड़ दिया।
जयपुरा निवासी रमेश प्रजापति ने बताया कि तीन बेटियों के बाद जन्मा यह पहला बेटा था। उन्होंने कहा,
“कुछ ही घंटों में खुशियां मातम में बदल गईं। अगर डॉक्टर समय पर आ जाते, तो शायद हमारा बच्चा बच जाता।”
उधर, अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही से इनकार किया है। PMO डॉ. रितुराज मीणा ने बताया कि सुबह डॉ. हरिमोहन मीणा, दोपहर में डॉ. रेखा शर्मा और रात में डॉ. नेहा चाहर ड्यूटी पर थीं। उनका कहना है कि परिजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है, हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। परिजन अब इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं।