लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को माल परिवहन एवं निर्यात के लिए जलमार्ग उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में उन्होंने जवाई-लूनी-रण ऑफ कच्छ राष्ट्रीय जलमार्ग (NW-48) को विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय जलमार्ग-48 को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और आईआईटी मद्रास को परियोजना के तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं का गहन अध्ययन करने तथा जहाजों के संभावित ट्रैफिक का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 27 अक्टूबर 2025 को NW-48 के संबंध में राज्य सरकार और IWAI के बीच एमओयू हस्ताक्षरित किया गया था। इसी क्रम में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर के. मुरली ने परियोजना की डीपीआर तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय जलमार्ग के विकसित होने से प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के उद्योगों और व्यापारियों को भी सस्ती और सुगम माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के समग्र विकास का मजबूत आधार बनेगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ परिवहन लागत में भी कमी लाएगी।
उन्होंने बताया कि NW-48 के विकसित होने पर रण ऑफ कच्छ के माध्यम से अरब सागर तक निर्बाध माल परिवहन संभव होगा। यह जलमार्ग राजस्थान और गुजरात से होकर गुजरते हुए पेट्रोकेमिकल्स, खनिज, सीमेंट, रसायन तथा अन्य औद्योगिक एवं निर्यात उत्पादों के परिवहन को आसान बनाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, IWAI अध्यक्ष सुनील पालीवाल, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




















































