लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा | राजसमन्द
राजसमन्द। कुंवारिया कस्बे में प्रस्तावित नई तहसील कार्यालय भवन का निर्माण कार्य अब तक बजट के अभाव में शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते तहसील का संचालन वर्तमान में पुराने व जर्जर उपतहसील भवन में किया जा रहा है, जहां स्थानाभाव के कारण किसानों, आमजन और कार्मिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में थाना परिसर के पास नई तहसील कार्यालय भवन के लिए भूमि आवंटन किया जा चुका है, लेकिन चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। ऐसे में कुंवारिया तहसील के सभी राजस्व, रजिस्ट्री एवं प्रशासनिक कार्य पुराने उपतहसील भवन से ही संचालित किए जा रहे हैं।
भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर है और कमरों की कमी के चलते कर्मचारियों को बरामदों में खुले में बैठकर किसानों के राजस्व प्रकरण निपटाने पड़ रहे हैं। खुले में कार्य होने से महत्वपूर्ण दस्तावेजों के उड़ने का खतरा बना रहता है, वहीं बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। छत से पानी टपकने के कारण आवश्यक रिकॉर्ड के खराब होने की आशंका बनी रहती है।
भवन में महिलाओं के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है, जबकि पुरुषों के लिए बने मूत्रालय भी जर्जर हालत में हैं। इससे कर्मचारियों और आमजन को रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि जगह की कमी के कारण कई बार राजस्व व रजिस्ट्री संबंधी कार्य बाहर खड़े होकर करवाने पड़ते हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बजट स्वीकृत कर नया तहसील कार्यालय भवन निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
इस संबंध में तहसीलदार सुंदरलाल मीणा ने बताया कि नई तहसील कार्यालय के लिए भूमि वर्ष 2020 में ही आवंटित की जा चुकी है। वहां तहसीलदार आवास भवन और चारदीवारी का निर्माण भी हो चुका है, केवल तहसील कार्यालय भवन का निर्माण शेष है। उन्होंने बताया कि करीब 3 करोड़ 1 लाख 27 हजार रुपये की लागत का संशोधित प्रस्ताव राजस्व मंडल के उच्च अधिकारियों को राजसमन्द और अजमेर भेजा जा चुका है। फिलहाल मजबूरीवश तहसील का संचालन पुराने भवन से किया जा रहा है।

















































