लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मोबाइल छोड़ किताबों से दोस्ती कर रहे बच्चे, मांडल देवा स्कूल में 50 विद्यार्थियों को मिल रहा विशेष शिक्षण
पादूकलां। भीषण गर्मी और गर्मियों की छुट्टियों के बीच जहां अधिकांश बच्चे मोबाइल, टीवी और खेलकूद में समय बिताने में व्यस्त हैं, वहीं ग्राम पंचायत पालडीकलां के ग्राम मांडल देवा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय शिक्षा की नई मिसाल पेश कर रहा है। यहां सुप्रीम फाउंडेशन के सहयोग से चल रहे सुधारात्मक शिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें करीब 50 विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं।
विद्यालय परिसर में सुबह-सुबह बच्चों की चहल-पहल और पढ़ाई का सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छुट्टियों के दौरान बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना, उनका बेसिक स्तर मजबूत करना तथा उन्हें मोबाइल और टीवी की लत से दूर रखना है।
शिक्षण कार्य का जिम्मा संभाल रहे नरेश टांडी और ललित कटारिया बच्चों को सरल और रोचक तरीके से पढ़ाई करवाने के साथ-साथ रोजाना होमवर्क भी दे रहे हैं, ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया लगातार जारी रहे। शिक्षकों का कहना है कि छुट्टियों में बच्चों का पढ़ाई से जुड़ाव बना रहे, इसी सोच के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है।
अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की दैनिक दिनचर्या नियमित बनी हुई है और वे प्रतिदिन कुछ नया सीखकर घर लौट रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी जोर
विशेष कक्षाओं में बच्चों को अनुशासन, नियमितता और समय के सदुपयोग का महत्व भी समझाया जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि यदि छुट्टियों में बच्चों को सही दिशा और सकारात्मक वातावरण मिले, तो उनका आत्मविश्वास और शैक्षणिक स्तर दोनों मजबूत होते हैं।
















































