लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर पुलिस का बड़ा खुलासा: एक्सीडेंट नहीं, मर्डर था
नागौर/खींवसर | प्रदीप कुमार डागा
नागौर पुलिस ने चार महीने पुराने एक पेचीदा ‘ब्लाइंड मर्डर’ मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने हत्या की वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सटीक फील्ड इंटेलिजेंस, आसूचना संकलन और तकनीकी अनुसंधान के जरिए पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया गया।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी पूनाराम जाट निवासी खूण्डाला को गिरफ्तार किया है।
क्या था मामला?
पुलिस के अनुसार 24 जनवरी 2026 को घमडाराम अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर पांचला सिद्धा आश्रम में जागरण के लिए निकले थे। अगले दिन 25 जनवरी को उनकी लाश गाड़ी सहित सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में मिली थी। शुरुआत में मृतक के पुत्र पन्नाराम ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानते हुए मर्ग दर्ज करवाई थी।
पैसों के विवाद में रची हत्या की साजिश
जांच के दौरान मृतक के पुत्र को आरोपी पूनाराम पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपी पिछले करीब 10 वर्षों से अनाज के व्यापार में साझेदारी कर रहे थे और दोनों के बीच भारी लेन-देन बाकी था।
पुलिस के अनुसार घमडाराम द्वारा लगातार पैसों की मांग किए जाने से परेशान होकर आरोपी ने हत्या की साजिश रची।
पैसे देने के बहाने बुलाया, फिर लोहे के सरिये से हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि 24 जनवरी 2026 को आरोपी ने मिठाई की दुकान से घमडाराम को फोन कर पैसे देने का बहाना बनाया और उन्हें अपने कृषि ट्यूबवेल पर बुलाया।
रात करीब 8:30 बजे जब घमडाराम बोलेरो लेकर वहां पहुंचे, तब दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी ने लोहे के सरिये से घमडाराम के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या को एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश
वारदात के बाद आरोपी ने शव को मृतक की बोलेरो गाड़ी में डालकर पांचलासिद्धा से नारवा जाने वाली सड़क के पास गहरे खड्डे में गाड़ी सहित फेंक दिया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पैदल ही अपने घर लौट गया।
तकनीकी जांच से खुला राज
पुलिस ने बताया कि मामले की गुत्थी सुलझाने में खींवसर थाना पुलिस टीम के बेहतर समन्वय, मोबाइल नंबरों की सीडीआर जांच, एफएसएल एवं एमओबी टीम द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई।
कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी पूनाराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।
पुलिस टीम की इस कार्रवाई की उच्चाधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।





















































