लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली/अम्मान: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को शिक्षा सुधार और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर दोनों सदनों में व्यापक चर्चा हुई। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यह यात्रा भारत के पश्चिम एशिया और अफ्रीका के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
️ संसद में क्या हुआ?
शिक्षा पर बहस
लोकसभा और राज्यसभा में सरकार द्वारा प्रस्तावित शिक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा जारी रही। सरकार ने कहा कि यह विधेयक शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी बनाएगा। वहीं, विपक्ष ने इस पर और व्यापक समीक्षा की मांग करते हुए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने की बात रखी।
️ चुनाव सुधारों पर चर्चा
राज्यसभा में चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दों पर भी बहस हुई। इसमें मतदाता सूची, पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल रहे। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ हालिया कदमों पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने लोकतंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
⚖️ हंगामा और कार्यवाही
बहस के दौरान दोनों सदनों में कई बार तीखी नोक-झोंक और व्यवधान भी देखने को मिला, हालांकि कार्यवाही तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती रही।
प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की विदेश यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिवसीय यात्रा शुरू की है। इस दौरे का उद्देश्य कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देना है।
पहला चरण: जॉर्डन
प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुँचे, जहाँ उन्होंने किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा हुई। यह यात्रा भारत-जॉर्डन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।

दूसरा चरण: इथियोपिया
इसके बाद प्रधानमंत्री इथियोपिया जाएंगे, जहाँ वे प्रधानमंत्री अबिय अहमद से मुलाकात करेंगे और इथियोपियाई संसद को संबोधित करेंगे। यह यात्रा भारत-अफ्रीका साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इथियोपिया अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है।
अंतिम चरण: ओमान
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी ओमान जाएंगे, जहाँ वे सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। यह दौरा भारत-ओमान संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है।


















































