लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर |राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधार किए गए और निवेश की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर सौर परियोजनाओं को गति दी गई। भूमि आवंटन प्रक्रियाओं को सुगम बनाया गया जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं और राज्य सौर ऊर्जा से दमक रहा है।
सौर एवं अक्षय ऊर्जा में राजस्थान का योगदान
राज्य की वर्तमान स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 41,189 मेगावाट और सौर ऊर्जा क्षमता 35,337 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता में राजस्थान की हिस्सेदारी 27.2 प्रतिशत और अक्षय ऊर्जा में 16.43 प्रतिशत है। बीते दो वर्षों में राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में 17,820 मेगावाट की वृद्धि हुई, जिसमें सौर ऊर्जा का योगदान 17,326 मेगावाट रहा। इसके अतिरिक्त 45 गीगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा में राजस्थान अव्वल
पीएम-कुसुम और पीएम सूर्यघर योजनाओं के माध्यम से राजस्थान में विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा मिला है। बीते दो वर्षों में 2,345 मेगावाट क्षमता की 1,047 ग्रिड कनेक्टेड लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं। पीएम सूर्यघर योजना में 441 मेगावाट क्षमता के 1,09,209 रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए गए हैं, जिससे राज्य देश में इस क्षेत्र में पांचवें स्थान पर है।
ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में नई उपलब्धियां
बीकानेर के पूगल में 5,000 मेगावाट-आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता के साथ 2,450 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 6,000 करोड़ रुपये के निवेश से 6,000 मेगावाट ऑवर क्षमता की चार बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। नवम्बर 2027 तक इन परियोजनाओं से पीक ऑवर्स की मांग पूरी होगी और महंगी बिजली खरीद से मुक्ति मिलेगी।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान
राजस्थान को 2024 में गुजरात के आरई-इन्वेस्ट समिट में क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुए। हाल ही में चेन्नई में हुए विंडर्जी इंडिया-2025 सम्मेलन में राज्य को एक्सीलेंस इन विंड एवं हाईब्रिड पॉलिसी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राज्य सरकार के प्रमुख निर्णय
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स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024: अक्षय ऊर्जा, बायो फ्यूल, ऊर्जा भंडारण और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए प्रोत्साहन।
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रिप्स-2024 के तहत रिन्यूबल एनर्जी परियोजनाओं को सुविधाएं।
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वर्चुअल और ग्रुप नेट मीटरिंग की अनुमति।
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सौर एवं अक्षय परियोजनाओं के लिए 1.32 लाख हेक्टेयर भूमि आवंटित।
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राइजिंग राजस्थान निवेश समिट में 28 लाख करोड़ का निवेश।
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केंद्रीय उपक्रमों के साथ 43,238 मेगावाट अक्षय और परंपरागत ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एमओयू।
राजस्थान अब देश के सोलर हब के रूप में मजबूती से उभर रहा है, जिससे आमजन और किसानों को किफायती बिजली उपलब्ध हो रही है।


















































