लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
“राजस्थान हेल्थ एवं वेलनेस कैपिटल बनने की सभी संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है” — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसंबर। जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान हेल्थ एवं वेलनेस के क्षेत्र में निवेश और उन्नति के सभी अवसरों से लैस है। राज्य सरकार के प्रयास और प्रवासी राजस्थानियों का सहयोग इस दिशा में प्रदेश को तेजी से आगे ले जा सकता है।
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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल टूरिज्म, फार्मा और मेडिकल डिवाइस मैन्यूफैक्चरिंग, एआई आधारित हेल्थ टेक्नोलॉजी में निवेश की अपार संभावनाएँ।
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पिछले दो वर्षों में 7 नए मेडिकल कॉलेज शुरू, 15 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रक्रिया, 2200 नई MBBS, PG और सुपर स्पेशलिटी सीटें बढ़ाई गईं।
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वन हेल्थ दृष्टिकोण अपनाकर मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य में समन्वय।
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मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना: 25 लाख तक कैशलेस इलाज, 35 लाख लाभार्थियों को निःशुल्क उपचार।
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निःशुल्क जांच योजना: 30 करोड़ जांच, 9 करोड़ मरीज लाभान्वित।
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निःशुल्क दवा योजना: 10.34 करोड़ रोगियों को दवाइयां।
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मा वाउचर योजना: 2.25 लाख गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी।

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का संदेश:
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राजस्थान का स्वास्थ्य मॉडल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में मिसाल।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण।
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डिजिटल हेल्थ मॉडल और तकनीकी अपनाने से स्वास्थ्य सेवाएं तेज, पारदर्शी और सुलभ।
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35,000 मानव संसाधन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी, 27,000 से अधिक नियुक्तियां दी गई।
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जयपुर में RIMS (एम्स तर्ज पर) की स्थापना।

महिला एवं बाल विकास पर जोर:
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।
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एनीमिया नियंत्रण, सुरक्षित मातृत्व, नवजात देखभाल, किशोरी पोषण, HPV वैक्सीनेशन और आंगनबाड़ी सेवाओं का आधुनिकीकरण।

डिजिटल और पेशेंट सेंट्रिक स्वास्थ्य ढांचा:
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6.38 करोड़ से अधिक आभा आईडी जारी।
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IHMS, ई-संजीवनी और QMS से अस्पताल कार्यक्षमता में सुधार।
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एआई-स्क्रीनिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और रिमोट केयर प्रणाली पर काम।

विशेषज्ञ सत्र:
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CII राजस्थान उपाध्यक्ष रजनीश भंडारी, डॉ. जयवीर सिंह राठौड़, डॉ. विपिन गोयल, संजय झवर, डॉ. मोहनलाल स्वर्णकार और प्रो. विमल शर्मा ने नवाचार-आधारित स्वास्थ्य मॉडल, सतत विकास लक्ष्य, महिला स्वास्थ्य और मेड-टेक पर विचार साझा किए।
सत्र में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, आयुर्वेद विभाग के सचिव सुबीर कुमार, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सेन, प्रवासी राजस्थानियों और चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
















































