लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना से बेटियां संवार रही अपना भविष्य
प्रदेश की प्रत्येक बेटी को उच्च शिक्षा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता
जयपुर ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक बेटी उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर और सशक्त बने, जिससे राजस्थान महिला शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना प्रदेश की किशोरियों में नए उत्साह और आत्मविश्वास का संचार कर रही है।
बालिका शिक्षा को नई उड़ान
देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना की शुरुआत कॉलेज शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2011-12 में की गई थी।
इस योजना का लाभ राजस्थान मूल की विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) की उन छात्राओं को दिया जाता है, जिन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 50 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त किए हों और जो राज्य के राजकीय महाविद्यालयों या राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में नियमित अध्ययनरत हों।
इन छात्राओं को 12वीं के अंकों की वरीयता सूची के आधार पर स्कूटी निःशुल्क प्रदान की जाती है।
अब हर वर्ष वितरित होंगी 4,240 स्कूटियाँ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर योजना के अंतर्गत अब हर वर्ष 4,240 स्कूटियों का वितरण किया जाएगा।
पहले यह लक्ष्य 1,500 स्कूटियों प्रति वर्ष का था, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर किया है।
इसके साथ ही, समान कट-ऑफ प्राप्तांक वाली छात्राओं को भी स्कूटी प्रदान की जाएगी।
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिनके माता-पिता, अभिभावक या पति की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है।
प्रोत्साहन राशि से बढ़ रहा आत्मविश्वास
जो छात्राएं वरीयता सूची में शामिल नहीं हो पातीं, उनके लिए भी प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है।
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स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में 50% या अधिक अंक प्राप्त करने पर ₹10,000 वार्षिक।
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स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में ₹20,000 वार्षिक, और
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स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष में 50% या अधिक अंक प्राप्त करने पर ₹20,000 वार्षिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
यह सुविधा भी राजकीय महाविद्यालयों और राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विशेष पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को ही दी जाती है।

अब तक हजारों बेटियों को मिला लाभ
राज्य सरकार अब तक देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के अंतर्गत
₹74 करोड़ 35 लाख रुपये व्यय कर 16,021 छात्राओं को लाभान्वित कर चुकी है।
वहीं, प्रोत्साहन राशि योजना के तहत ₹9 करोड़ 76 लाख रुपये व्यय कर 19,100 छात्राओं को सहायता दी जा चुकी है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹56.10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत है, जिसमें से सितंबर 2025 तक ₹32.92 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री का संकल्प
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि
“राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बेटी आर्थिक या सामाजिक बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। हर बेटी को उच्च शिक्षा के समान अवसर मिलें — यही राजस्थान के सशक्त भविष्य की नींव है।”
















































